गणगौर के छोटे दोहे-3🌼
🌸 गणगौर के छोटे दोहे-3🌼
१. जिंदगी बहुत खूबसूरत है इस को बचाते हैं,
इस गणगौर को हम दूरियों के हूं साथ मनाते हैं,
फिर भी हम होंगे मन से एक दूजे के साथ,
चलो गणगोर माता को श्रृंगार कराते हैं!!
२. जीवन में सूरज रोशनी ले आया,
कोयल ने भी मधुर गीत गाया ,
हर तरफ बज रहे हैं ढोल और नगाड़े,
राजन जी गणगौर का त्योहार आया!!
३. आपके प्रेम का नशा सारी उम्र ना उतरे,
आपके ही साथ मेरा हर दिन गुजरे ,
दीवाने दिल का जुनून कुछ काम आए,
गणगोर के दोहे में साजन जी बार-बार आपका नाम आए!!
४. आंखें खुली हो तो सामने साजन जी ही नजर आए,
आंखें बंद करूं तो सपनों में भी साजन जी ही आए,
दिल की धड़कनों से लेकर सांसो तक,
ऐसा क्या जादू किया साजन जी की हर तरफ आप ही को पाया!!
५. चांद और तारों ने महफिल सजाई,
फूलों ने चारों ओर खुशबू बिखराई,
साजन जी को देखा तो मुंह से निकला,
आप आए तो बहार आई!!
६. किसी ने कहा चांद है,
किसी ने कहा आफताब,
मैंने तो बस इतना ही कहा,
साजन मेरे लाजवाब!!
७. हाथ उठे तो दुआ बन गई ,
आंखें झुकी तो हया बन गई,
जो मुड़ के देखा साजन जी ने मुझे,
उनकी यह स्टाइल अदा बन गई!!
८. संस्कारों में बंधकर में ससुराल चली आई,
साजन जी आपने मेरी दुनिया सजाई,
ऐसे ही विश्वास बनाए रखना,
होठों पर मुस्कुराहट सजाए रखना!!
९. सोने के मंगलसूत्र को मैंने कड़ी कड़ी जोड़ा,
साजन जी के लिए मैंने मायके को छोड़ा,
बिंदिया चमकेगी चूड़ी खनकेगी पायल भी बजे की छन छन,
साजन जी को दे दिया मैंने अपना मन!!
१०. चेहरे पर हंसी और दिल में खुशी हो,
सही मायनों में ऐसी जिंदगी हो,
साजन आपका साथ इबादत से कम नहीं,
ये यूं ही बना रहे जैसे बंदगी हो!!
Sandhya Maheshwari
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