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गणगौर के छोटे दोहे-2

गणगौर के छोटे दोहे-2

gangaur ke dohe


 गणगौर के छोटे दोहे-9🌼 


१. इमली लगती खट्टी मुझे पसंद है बोर,
साजन जी मेरे ईश्वर ने उनके गणगौर!!

२. गागर में सागर सागर में पानी,
साजन जी मेरे राजा में उनकी रानी!!

 ३. साजन जी की मुस्कुराहट में मुझ पर ऐसा इफेक्ट किया,
मैंने सब को रिजेक्ट किया साजन जी को सिलेक्ट किया!!

४. माथे पे तिलक है और गले में हार है,
मुझे तो सिर्फ साजन जी से प्यार है!!

५. साजन जी है दीपक मैं हूं बाती,
हर जन्म में बनना तुम ही जीवन साथी!!

६. फागुन के महीने में उड़ाऊ ढेर सारे रंग,
मेरा और साजन जी का साथ जन्म का संग!!

७. गोरा ने पहनाई शिवजी को वरमाला,
मुझे मिला है साजन जी दिलवाला!!

८. रूठी हुई राधिका कान्हा जी मनाए आज,
साजन जी मेरे लिए सबसे खास!!

९. रसोई में बनाया हलवा गरम गरम,
साजन जी का नाम लेने में काहे की शर्म!!

1०. नई गोटे की साड़ी मैं बाजार से खरीद कर लाई,
पिया जी बोले वाह वाह जब पहन के दिखाई!!

Sandhya Maheshwari

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