🌸गणगौर के छोटे दोहे-17🌼(गणगौर गीत एवं दोहे) by-Sandhya Maheshwari
🌸गणगौर के छोटे दोहे-17🌼
१. छम छम करती आई गणगौर,
चमके बिंदिया और माथे का बोर,
ना चले मेरा खुद पर जोर,
मेरे मन मंदिर में साजन चितचोर!!
२. साजन जी ने जब से थामा मेरा हाथ,
हर वक्त हर काम में देते हैं मेरा साथ,
साथ ऐसा जैसे चांद और रात,
वाह वाह साजन जी आपकी क्या बात!!
३. माथे पर बिंदिया और सर पर ही चुनर,
अंखियों के संग गणगोर पर करूंगी में घूमर,
सज धज के आऊंगी साजन जी का प्यार,
आया है सखियों गणगौर का त्योहार!!
४. मंदिर की घंटी और आरती की थाली,
साजन जी की वजह से है मेरे चेहरे पर लाली,
जीवन में आई है खुशियों की बहार,
आओ सखियों मनाई गणगौर का त्योहार!!
५. द्वार पर सजनी खड़ी पहन के नौलखा हार,
चूड़ा हाथी दांत का किया सोलह सिंगार,
घुंघट खोलो साजन जी सुनो मन की बात,
आपके ख्यालों में ही बीते दिन और रात!!
🌸 गणगौर के छोटे दोहे-18🌼
१. जब भी गणगौर के दोहे में साजन जी नाम लेती हूं तुम्हारा,
आंखों के सामने आ जाता है सुंदर सा नजारा,
व्यावहारिकता और समझदारी कि तुम में है धार,
मैं ही नहीं तुमसे खुशी सारा परिवार!!
२. चारों तरफ गणगौर के त्यौहार का माहौल है,
बज रहे हर तरफ नगाड़े और ढोल है,
ऐसे में साजन जी लगते हैं प्यारे,
गणगौर की पूजा का उत्साह ही अनमोल है!!
३. आई है गणगौर मिठाई बनाएंगे,
गजरा लगाएंगे और मेहंदी रचाएंगे,
त्योहार मनाएंगे और खूब गीत गाएंगे,
सोलह सिंगार करके साजन जी रीजाएंगे!!
४. लगना है आज मुझे मिसेज इंडिया,
लगाऊंगी माथे पर सितारों वाली बिंदिया,
हाथों पर लगाऊंगी हरी हरी मेहंदी,
साजन जी का नाम लेकर मेरे मन की बात कह दी!!
५. सूरज जैसा तेज है तुम्हें,
चांद जैसा शीतल स्वभाव,
तुम से ही सजा है साजन हमारा परिवार,
सदैव खुशियों से भरा रहे हमारा संसार!!
🌸गणगौर के छोटे दोहे-19🌼
1. करवा चौथ पर पानी पी लूं छलनी में देखकर साजन जी का चेहरा,
मैं उनकी हो गई जब मुझे लेने आए बांध कर सेहरा!!
2. मंडप है सजा हुआ और बज रहा बैंड बाजा,
साजन जी मेरे बेड़ियां परिवार के जमाई राजा!!
3. सुख दुख में सदा साथ रहने का लिया है वचन,
साजन जी का साथ पाऊं हर जन्म!!
4. बनारस में बहती है गंगा मैया पवित्र,
साजन जी ने मुझे पहनाया मंगलसूत्र!!
5. गणेश जी के चारभुजा,
साजन जी के जैसा नहीं कोई दूजा!!
6. मिला है मुझे सुहागन का मान,
साजन जी ने दी है मेरे चेहरे की मुस्कान!!
7. साजन जी ही मेरे गाइड और सखा,
हमारे रिश्ते का उन्होंने सदा मान रखा!!
8. साजन जी का रूठना भी एक अदा है,
उन्हें मनाने का अपना ही मजा है!!
9. लक्ष्मण जैसे भाई हैं कौशल्या जैसी माई हैं,
साजन जी का स्वभाव ऐसा
जैसे रघुराई है!!
10. रिश्ते हैं अनमोल इनका नहीं कोई दाम,
गणगोर को पानी पर लाऊं सब पूछे साजन जी का नाम!!
Sandhya Maheshwari
👏👏👏👏👏
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